अक्सर हम बर्फ का उपयोग गर्मी से राहत पाने के लिए करते हैं। लेकिन बर्फ के कई औषधीय गुण भी हैं। आइए जानते हैं इन्हीं गुणों के बारे में
- फांस चुभने पर बर्फ लगाकर उतना हिस्सा सुन्न कर ले फांस आसानी से निकल जाएगी।
- अधिक खाने की वजह से अजीर्ण हो रहा हो तो बर्फ खाएं, खाना शीघ्र पच जाएगा।
- तेज बुखार में बर्फ का उपयोग शीघ्र राहत देता है।
- शरीर के घमौरियों से प्रभावित भाग पर बर्फ मलने से शीघ्र आराम मिलता है।
- लू लग जाने पर बर्फ के टुकड़े हाथ-पैरों पर मलने से तुरन्त लाभ मिलता है।
- रोजाना चेहरे पर बर्फ मलने से झुर्रिंयों का आगमन रुकता है और त्वचा भी कान्तिमय बनी रहती है।
- पेट की गड़बड़ यानी जलन, उबकाई आदि परेशानी होने पर पेट पर बर्फ की पट्टी रखने से लाभ मिलता है।
- नवजात शिशु न रोए और न सांस लेता लगे तो उसके गुदाद्वार पर 10-20 सेकण्ड के लिए बर्फ का टुकड़ा रखने पर स्थिति बदल जाती है।
- बर्फ लगाने से बहता खून भी शीघ्र ही रूक जाता है।
- नाक से खून बहने की स्थिति में नाक के पास बर्फ र खकर सांस लेने या सूंघने से खून बहना बन्द हो जाता है।
- हैजा होने पर बर्फ का टुकड़ा चूसने से बार-बार उल्टी होना रुक जाता है।
- सूजन और दर्द की रोकथाम के लिए बर्फ फायदेमंद होता है।
- फांस चुभने पर बर्फ लगाकर उतना हिस्सा सुन्न कर ले फांस आसानी से निकल जाएगी।
- अधिक खाने की वजह से अजीर्ण हो रहा हो तो बर्फ खाएं, खाना शीघ्र पच जाएगा।
- तेज बुखार में बर्फ का उपयोग शीघ्र राहत देता है।
- शरीर के घमौरियों से प्रभावित भाग पर बर्फ मलने से शीघ्र आराम मिलता है।
- लू लग जाने पर बर्फ के टुकड़े हाथ-पैरों पर मलने से तुरन्त लाभ मिलता है।
- रोजाना चेहरे पर बर्फ मलने से झुर्रिंयों का आगमन रुकता है और त्वचा भी कान्तिमय बनी रहती है।
- पेट की गड़बड़ यानी जलन, उबकाई आदि परेशानी होने पर पेट पर बर्फ की पट्टी रखने से लाभ मिलता है।
- नवजात शिशु न रोए और न सांस लेता लगे तो उसके गुदाद्वार पर 10-20 सेकण्ड के लिए बर्फ का टुकड़ा रखने पर स्थिति बदल जाती है।
- बर्फ लगाने से बहता खून भी शीघ्र ही रूक जाता है।
- नाक से खून बहने की स्थिति में नाक के पास बर्फ र खकर सांस लेने या सूंघने से खून बहना बन्द हो जाता है।
- हैजा होने पर बर्फ का टुकड़ा चूसने से बार-बार उल्टी होना रुक जाता है।
- सूजन और दर्द की रोकथाम के लिए बर्फ फायदेमंद होता है।
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